मिट्टी

नमस्कार दोस्तो! पौधायन में आपका स्वागत है।
दोस्तो, अपना पौधायन बनाने के लिए सबसे ज़रूरी चीज़ है मिट्टी। पर अक्सर हम इस सबसे ज़रूरी चीज़ पर सबसे कम ध्यान देते हैं। मिट्टी पौधों की जीवनरेखा है। पौधे अपने लिए ज़रूरी पोषण तो मिट्टी से लेते ही हैं। इसके अलावा पौधे के लिए ज़रूरी पानी की मात्रा, पानी दिए जाने का समय और उसकी जड़ों का विकास भी पूरी तरह से मिट्टी पर निर्भर करता है।
इसलिए, मिट्टी की गुणवत्ता, उसमें पोषक तत्त्वों का सही अनुपात और उसमें मौजूद कणों का आकार अपने पौधे के हिसाब से तय कीजिए। मोटे तौर पर समझिए कि किस पौधे के लिए कैसी मिट्टी सही रहेगी-
🌵रेतीली मिट्टी: कँटीले और मोटी पत्ती वाले पौधों के लिए

मिट्टी बहुत सारे छोटे छोटे कणों से मिलकर बनती है। ये कण जितने बड़े होंगे उनके बीच से पानी निकलने की जगह उतनी ही ज्यादा होगी और पानी उतनी ही आसानी से उनके बीच से रास्ता बनाकर निकल जाएगा। मने पानी बहुत कम देर तक इस मिट्टी में ठहरेगा।
रेतीली मिट्टी में ऐसे पौधे लगाइए जिन्हें पानी बहुत कम चाहिए होता हो। जैसे कैक्टस और नागफनी जैसे कांटेदार पौधे या मोटी पत्तियों वाले सरस पौधे (सक्क्युलेंट्स)।
🌿चिकनी मिट्टी: पानी पसंद करने वाले पौधों के लिए

दूसरी तरफ जिस मिट्टी में कणों का आकार इतना छोटा हो कि आप उन्हें आँखों से न देख सकें (जैसे कीचड़ या गाद में) तो उनके बीच से पानी आसानी से नहीं निकल पाता। मतलब यह बहुत देर तक गीली बनी रहती है।
इस मिट्टी में उन पौधों को लगाइए जो खूब पानी पसंद करते हैं। कन्द वाले पौधे जैसे अरबी, कैलेडियम, शकरकंद, लिली, आइरिस और कई तरह के फर्न ऐसे ही पौधे हैं जिन्हें पानी खूब पसंद है।
चिकनी मिट्टी का एक और फ़ायदा है। अगर आपके पास समय की कमी है और आप हर दूसरे या तीसरे दिन पौधों को पानी देने के लिए समय नहीं निकाल सकते तो भी चिकनी मिट्टी आपके लिए मुफ़ीद है। यह देर तक पानी को जमा रखती है और देर से सूखती है। इसलिए ज्यादा दिनों तक पानी दिए बिना भी काम चल जाता है।
🌱दोमट मिट्टी: बाकी सब के लिए

मिट्टी के कण जब रेत जैसे बहुत बड़े न हों और इतने बारीक भी न हों कि नंगी आँखों से न दिखाई दें ऐसी मिट्टी में रेत और गाद दोनों के गुण होते हैं। इसमें पानी कुछ देर तक ठहरता है जिससे पौधे की जड़ें ठीक से पानी ग्रहण कर लेती हैं। पर जलभराव की स्थिति नहीं बनती और पौधा सड़ता नहीं।
बहुत ज्यादा या बहुत ही कम पानी चाहने वाले कुछेक पौधों को छोड़कर, लगभग सभी तरह के पौधों के लिए यह मिट्टी अच्छी होती है।
जब भी आप किसी पौधे को लेकर पशोपेश में हों और उसे देखकर अनुमान लगाना मुश्किल हो कि उसके लिए कौन सी मिट्टी ठीक रहेगी तब आँख बंद करके आप उसे दोमट में लगा सकते हैं।
दोमट न मिले तो चिकनी मिट्टी और रेत को बराबर मात्रा में मिलाकर भी बढ़िया मिट्टी तैयार कर सकते हैं।

🪴मिट्टी से आगे
आजकल पौधे उगाने के लिए मिट्टी के अलावा भी कई तरह के माध्यम जैसे कोकोपीट, परलाइट वगैरह उपयोग में लाए जा रहे हैं। अपने अगले लेख में हम इनके बारे में भी जानेंगे।
आज के लिए इतना ही दोस्तो। फिर मिलेंगे पौधायन के बारे में एक और जानकारी के साथ। तब तक के लिए नमस्कार!!
Informative.
Tell me more about perlite coco peat and other media for growing plants.
Good Article
सरल शब्दों में अच्छी जानकारी