लाखों की माँ

नमस्कार दोस्तों!
आज हम एक ऐसे अनोखे पौधे के बारे में बात करने वाले हैं जिसका नाम है- लाखों की माँ। जी हां, आपने सही सुना! इस पौधे की पत्तियों के सिरे पर बहुत सारे नन्हें-नन्हें पौधे पैदा होते रहते हैं, इसीलिए इसका ऐसा नाम पड़ गया।
क्यों लगाएं
यह पौधा देखने में ताड़ के पेड़ का छोटा सा प्रतिरूप लगता है और इन पौधों से भरा गमला ऐसा लगता है मानो ताड़ के पेड़ों से भरे हुए किसी बगीचे की 3-डी पेंटिंग हो। छोटे-छोटे पौधे जो पत्तियों के सिरे पर पैदा होते हैं, ज़रा से झटके या हवा के झोंके भर से टूट कर बिखर जाते हैं। ये दिखने में जितने भी छोटे हों पर इतने जिंदादिल और मजबूत होते हैं कि पत्थर या चट्टान पर भी नहीं मरते और जो भी थोड़ी-बहुत नमी हवा से मिलती है उसी के सहारे वहीं बढ़ना शुरू कर देते हैं। इस तरह ये पौधे न केवल देखने में सुन्दर हैं और बहुत कम जगह घेरते हैं, बल्कि इनकी देखभाल करना भी बेहद सरल है।

इनका घर कहाँ है
ये पौधे मूल रूप से मेडागास्कर द्वीप में पाए जाते हैं। यह क्षेत्र इतना गर्म और सूखा है कि वहां उगने वाले पौधों ने ऐसी कठोर जलवायु से लड़ने के लिए अनूठे तरीके विकसित कर लिए हैं। जैसे “लाखों की माँ” लाखों मजबूत बच्चे पैदा करके ख़ुद का अस्तित्व बचाए रखते हैं। मौसम कितना भी कठोर हो और सूखा कितना भी लम्बा क्यों न हो, लाखों में से कुछ पौधे हमेशा बच जाते हैं।
देखभाल कैसे करें
इनकी देखभाल के लिए ज्यादा समय और मेहनत की ज़रूरत नहीं है। इसलिए अगर आप भी काम के बोझ के मारे हैं और पौधायन के लिए ज्यादा समय नहीं निकाल सकते तो ये पौधे आपके लिए एकदम मुफ़ीद हैं।
पानी
ये पौधे बहुत सूखी ज़मीन में जमने वाले हैं इसलिए इन्हें पानी की कम ज़रूरत होती है। सर्दी के मौसम में सप्ताह में एक बार और गर्मी में तापमान के मुताबिक़ सप्ताह में दो से तीन बार पानी देना काफ़ी है।
मिट्टी
इनके लिए मिट्टी तैयार करते समय उसमें बालू की मात्रा ज्यादा रखें और थोड़े से कंकड़ भी मिलाएं जिससे पौधे में पानी जमा न हो सके। थोड़ी नमी मिलती रहे तो ये रेत और बजरी में भी मजे में रह लेते हैं।
कहाँ रखें
“मदर ऑफ़ मिलियंस” उन जगहों के लिए एकदम मुफीद हैं जहाँ खूब धूप रहती है और तापमान ज्यादा रहता है। लगातार कम रोशनी में रहने पर ये ‘लेगी’ हो जाते हैं। इसलिए अगर इन्हें घर के अंदर छाया में या कम उजाले वाली जगह में रखा है, तो इनके ऊपर ग्रो लाइट लगाएं जिससे पौधों का सही विकास हो सके।
गमला
जिस गमले में ये लगे हों उनमें पानी निकलने के लिए छेद ज़रूर होना चाहिए। ये पौधे ज़्यादा नमी बर्दाश्त नहीं करते और सड़ जाते हैं इसलिए इनके गमले में पानी जमा न होने दें। मिट्टी या सीमेंट के बने गमले इनके लिए बढ़िया रहते हैं पर इन्हें प्लास्टिक/फाइबर आदि से बने गमलों में भी लगाया जा सकता है बशर्ते उनमें पानी निकलने का सही इन्तजाम हो।
खाद
खाद की इन्हें बिल्कुल भी ज़रूरत नहीं है। बेहतर होगा कि आप इसे दूसरे पौधों के लिए बचाकर रखें। हालाँकि, अगर आपको इन्हें बड़ा करने की जल्दी है तो बेहतर पोषण के लिए महीने में ज्यादा से ज्यादा एक बार थोड़ी सी खाद दे सकते हैं।

एक और ज़रूरी बात
इनके बारे में सिर्फ एक बात का ध्यान आपको रखना है कि यह पौधा अपने पूरे जीवनकाल में वाकई लाखों नन्हें मुन्ने पौधे पैदा करता है और घर या बाग़-बगीचे के संतुलित माहौल में इनमें से ज्यादातर बचे रह जाते हैं और बड़े होते हैं इसलिए इन्हें बाकी गमलों से दूर रखें। नहीं तो कुछ ही महीनों में आस-पास रखे हर गमले में मदर ऑफ़ मिलियंस नज़र आने लगेंगे।
इन खूबसूरत अनोखे पौधों के बारे में बस इतना जानना ही प्रकाफ़ी है। आप इनसे छोटा सा परियों का बगीचा बनाएँ या किसी साधारण सी मेज पर रखकर उस बेजान मेज को जिन्दा बना लें, ये पौधे आपको कभी भी निराश नहीं करेंगे। और तो और आपकी उपेक्षा को भी आसानी से सह जाएँगे।
लाखों की माँ के बारे में कुछ और जानना चाहते हों या इनके बारे में कोई सवाल हो मन में तो बेझिझक पूछें। आपके सुझावों का भी इन्तज्रार रहेगा। तो दोस्तो! अब इजाज़त दें। जल्द ही हम एक और अनूठे पौधे से दोस्ती करेंगे। तब तक के लिए अपने पौधायन का ध्यान रखें।
नमस्कार!