चीनी सदाबहार/एग्लोनेमा

नमस्कार दोस्तो!
आज हम बात करेंगे एक ऐसे खूबसूरत पौधे बारे में जो औसत घरेलू माहौल के लिए बिल्कुल माकूल है। औसत तापमान, साधारण मात्रा में पानी, थोड़ी धूप थोड़ी छाया और ज़रा सी खाद भर की ज़रूरत है इन्हें।
जी हाँ हम बात कर रहे हैं रंग-बिरंगी सुन्दर पत्तियों वाले चाइनीज़ सदाबहार की पौधों की। इन्हें आप घर के अन्दर भी रख सकते हैं और घर के बाहर अपने पौधायन में भी सजा सकते हैं। आपका डिनर टेबल हो या कोई खिड़की, ऑफिस की मेज हो या सूना सा कोई कोना हर जगह को ये बड़ी आसानी से रंगों से भर देते हैं।
इस पौधे की पत्तियाँ हरे, पीले, क्रीम, गुलाबी, लाल जैसे सुन्दर रगों से सजी होती हैं। इनकी कुछ प्रजातियों में गहरे हरे और लाल जैसे चटख चमकदार रंग होते हैं और कुछ धानी, गुलाबी. क्रीम और हल्के पीले जैसे पेस्टल शेड वाले शान्त और सूदिंग रंग वाली प्रजातियाँ भी हैं। अपनी पसंद और ज़रूरत के हिसाब से आप मनचाहे रंग और आकार-प्रकार वाले पौधे चुन सकते हैं।
धूप छांह
ये पौधे हल्की धूप और खूब उजाला पसन्द करते हैं। किसी कमरे की खिड़की, बरामदा, बालकनी या कोई भी ऐसी जगह जहाँ सुबह एक से दो घंटे धूप आती हो और बाकी पूरे दिन उजाला रहता हो वहां इन्हें रखें। ऐसी जगहों पर ये खूब स्वस्थ और प्रसन्न रहते हैं और इनके रंग खूब खिलते हैं। तेज़ धूप में रखने पर रंग भी ख़राब हो जाएँगे और पत्ते जल भी सकते हैं। ज्यादा अँधेरी जगह पर पत्ते पीले पड़कर गिर सकते हैं। उजाले वाली जगह न हो या घर के अन्दर इन्हें रखना हो तो आप ग्रो लाइट लगाकर भी इन्हें ख़ुश रख सकते हैं।
पानी
इन पौधों को पानी सामान्य मात्रा में देना है। इन्हें पानी से न ज्यादा प्यार है न नफ़रत। तो आमतौर पर इन्हें तीन से चार दिन में एक बार पानी देना पर्याप्त है। मौसम ज्यादा गर्म हो और पानी जल्दी सूख रहा हो तो एक दिन के अन्तर पर या रोज़ थोड़ा पानी भी दिया जा सकता है।
मौसम
ये सामान्य मौसम और तापमान में ख़ुश रहने वाले पौधे हैं। तेज़ गर्मी और भयानक सर्दी दोनों में ये परेशान हो जाते हैं। ऐसे मौसम में इन्हें खुले आसमान के नीचे न रखें। सीधी धूप या पाला ये सहन नहीं कर पाते। लगातार ऐसी स्थिति बने रहे तो इनकी जान भी जा सकती है।
नए पौधे
गर्मी की शुरुआत में इन पौधों के नए कल्ले निकलने लगते हैं इन्हें अलग करके दूसरे गमले में लगा सकते हैं या उसी गमले में लगा रहने देकर घना भी कर सकते हैं। यह सबसे सामान्य और सरल तरीका है इनके नए पौधे बनाने का।
दूसरा एक और तरीका है जिससे नए पौधे बना सकते हैं। जब ये पौधे थोड़े बड़े हो जाते हैं तो इनकी नीचे की पत्तियाँ झर जाती हैं जिससे तना लम्बा और खाली दिखने लगता है। ऐसे पौधे को उखाड़कर तने की लम्बाई के हिसाब से उसके 2 से 3 इंच के कई भाग इस तरह कर लेने हैं कि हर भाग में कम से कम एक नोड (पट्टी के बगल वाली जगह) हो। इसके लिए तेज़ धार वाले चाकू का इस्तेमाल करें। अब इन सब हिस्सों को 1-2 दिन के लिए ऐसे ही छोड़ दें और कटा हुआ हिस्सा जब इतना सूख जाए कि उसके सड़ने का डर न रहे तो इन सबको मिट्टी या रेत में 1-2 इंच गहराई में दबाते हुए गाड़ दीजिए। 15-20 दिन बाद इन टुकड़ों में जड़ निकल आएंगी और फिर कुछ समय बाद नई पत्तियाँ भी फूट आएंगी।
एक और तरीका भी है इनके नए पौधे बनाने का। थोड़े बड़े और परिपक्व पौधे में एक छोटा सा डंठल पत्तियों के बीच से निकलता है जिसमें छोटे-छोटे फूल निकलते हैं और बाद में इनमें बीज भी बनते हैं। इन बीजों को बोकर भी नए पौधे उगाए जा सकते हैं। हालांकि यह तरीका बहुत मुश्किल है। इससे पौधे भी कम बनते हैं और समय भी बहुत लगता है और कई बार तो अगर सही ताप और नमी ना मिली तो फूल बनते ही नहीं इसलिए आमतौर पर इस तरीके से इनके नए पौधे नहीं उगाए जाते।
बल्कि फूल वाले डंठल को तोड़ दिया जाता है जिससे पौधे की ताकत बीज बनाने में न खर्च हो और वह हमेशा ढेर सारी पत्तियों से लदाबदा रहे।
खाद
खाद की ज़रूरत बहुत ज्यादा नहीं है इन्हें। बढ़त और नए पौधे बनने के समय (वसन्त के मौसम में) हल्की खाद हर पखवाड़े में एक बार ज़रूर दें।
समस्या
अक्सर एक समस्या इन पौधों में देखने को मिलती है जब बड़ा होने पर इनकी नीचे की पत्तियाँ गिर जाती हैं। ऐसे में सिर्फ ऊपर पत्तियाँ रह जाती हैं और पौधा ‘लेगी’ हो जाता है। जब भी ऐसा हो आप पौधे को मिट्टी से निकाल लीजिए और नीचे के बिना पत्तियों वाले भाग को काट दीजिए। अब हल्की नम मिट्टी में इसे फिर से रोप दें। इस मिट्टी को ज्यादा गीला न करें नहीं तो पौधा सड़ जाएगा। कुछ दिनों बाद उसमें नई जड़ें आ जाएंगी और पौधा फिर से सुन्दर हो जाएगा।
नीचे के बिना पत्तियों वाले भाग को आप नए पौधे बनाने के लिए अलग से भी रोप सकते हैं।
तो दोस्तों ये पौधे देखने में जितने प्यारे हैं इनकी देखभाल भी उतनी ही सरल है। असाधारण रूप से सुन्दर ये पौधे बिल्कुल साधारण माहौल पसंद करते हैं। तो आज ही किसी पास की नर्सरी से इन खूबसूरत पौधों को ले आइए और अपने पौधायन को खूबसूरत रंग-बिरंगी पत्तियों से सजाइए।
जल्दी ही फिर मुलाक़ात करेंगे एक नए पौधे के साथ। तब तक के लिए अपने पौधायन का ध्यान रखें।
नमस्कार!